Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में हारà¥à¤Ÿ अटैक से बचना है तो जरूर करें ये योगासन
दिल की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोगों को सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में विशेष सावधानी रखनी की जरूरत होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में यह खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ हà¥à¤† है कि सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में दिल का दौरा आने का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में यदि आप यहां दिठगठयोग टिपà¥à¤¸ या योगासन करेंगे तो किसी à¤à¥€ खतरे से बच सकते हैं।सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में तापमान कम होने के कारण शरीर में रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होने लगती है, जिसके परिणाम सà¥à¤µà¤°à¥‚प बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के साथ-साथ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ने का खतरा बना रहता है। à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दिल के रोगियों को आहार में सावधानी रखने साथ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और योग की मदद à¤à¥€ जरूर लेना चाहिà¤à¥¤ योग, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® व धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की तकनीकों के जरिठहारà¥à¤Ÿ अटैक के खतरे को बहà¥à¤¤ कम किया जा सकता है।
दरअसल योग, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® व धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ का मिशà¥à¤°à¤£ शरीर, मन और आतà¥à¤®à¤¾ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लाठपहà¥à¤‚चाता है। यदि आप किसी योग शà¥à¤°à¥‚ के मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ में नियमित रूप में योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं तो दिल के दौरे जैसी कई जीवन शैली संबंधित बीमारियों को रोक सकते हैं। हारà¥à¤Ÿ अटैक से बचने के लिठसरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ये तीन योगासन जरूर करना चाहिठ-
मंडूकासन
सबसे पहले आपको वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ में बैठना है, जिसे वजà¥à¤° मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है। यह घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ टेकने की à¤à¤• सरल मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ है। इसके बाद अब अपने हाथों से अपनी चार अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अंदर अंगूठे को अचà¥à¤›à¥€ तरह से दबा कर मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी बना लें। अपनी मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी को अपनी नाà¤à¤¿ के दोनों ओर उदर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर रखें। अब सांस छोड़ते हà¥à¤ पेट को थोड़ा अंदर की ओर खींचना शà¥à¤°à¥‚ करें। इसके बाद धीरे-धीरे आगे की ओर à¤à¥à¤•ें और अपनी मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी से नाà¤à¤¿ को दबाना शà¥à¤°à¥‚ करें। अपनी पीठको जितना हो सके सीधा रखें और अपनी मोड़ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आगे की ओर देखते रहें। इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में सांस को अचà¥à¤›à¥€ तरह से बाहर रखें और कà¥à¤› समय तक इसे बनाठरखें जो आपके लिठआरामदायक हो। इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को छोड़ने समय à¤à¥€ शà¥à¤µà¤¾à¤¸ लें और फिर धीरे-धीरे अपनी नाक को घà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾ टेककर ऊपर उठाà¤à¤‚ और अपने हाथों को अपनी à¤à¥à¤œà¤¾à¤“ं पर वापस लाà¤à¤‚ और फिर आराम करें।
पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨
अरà¥à¤§ पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ में अपना दाहिना पैर अपनी बायीं जांघ के ऊपर रखें। इसके बाद अपने बाà¤à¤‚ पैर को उठाà¤à¤‚ और अपनी दाहिनी जांघ पर ऊपर की ओर रखें। अपने पैरों को अपने कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के करीब खींचे। अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को फरà¥à¤¶ पर टच करें। अपनी हथेलियों को अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर ऊपर की ओर रखें। साथ ही इसे दूसरे पैर से à¤à¥€ दोहराà¤à¤‚।
पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨
सबसे पहले अपनी पीठके बल लेटना होता है। इसके बाद सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ धीरे-धीरे पैरों को फरà¥à¤¶ से 90 डिगà¥à¤°à¥€ के कोण पर उठाइà¤à¥¤ दोनों पैरों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर मोड़ें और जांघों को पेट से सटाकर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ और टखनों को à¤à¤• साथ रखें। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को दोनों हाथों से लपेटें, हाथों को विपरीत कोहनियों से पकड़ें। गरà¥à¤¦à¤¨ को मोड़ें और ठà¥à¤¡à¥à¤¡à¥€ को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर रखें। सामानà¥à¤¯ रूप से सांस लेते हà¥à¤ आसन को जारी रखें।
| --------------------------- | --------------------------- |